फुटबॉल जादू

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time:2021-10-24 23:35:51 वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड ईटीएफ में निवेश चार गुना बढ़ा Views:4591

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लगातार दूसरा वित्त वर्ष रहा जब गोल्ड ईटीएफ में निवेश हुआ. इससे पहले 2013-14 से गोल्ड ईटीएफ से लगातार निकासी देखने को मिली थी.
नई दिल्ली: जोखिम बढ़ने और कोविड-19 महामारी के बीच अनिश्चितता के चलते निवेशकों के सोने का आकर्षण बढ़ा है. वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में निवेशकों ने 6,900 करोड़ रुपये डाले.

यह लगातार दूसरा वित्त वर्ष रहा जब गोल्ड ईटीएफ में निवेश हुआ. इससे पहले 2013-14 से गोल्ड ईटीएफ से लगातार निकासी देखने को मिली थी. म्यूचुअल फंडों की संस्था एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है.

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माईवेल्थग्रोथ डॉट कॉम के सह-संस्थापक हर्षद चेतनवाला ने कहा कि इस बात की संभावना काफी कम है कि चालू वित्त वर्ष में भी गोल्ड ईटीएफ में निवेश का यह ट्रेंड जारी रहे. हालांकि, कोरोना की दूसरी लहर ने बाजार को डरा दिया है.

एम्फी के आंकड़ों के अनुसार हाल में समाप्त वित्त वर्ष में निवेशकों ने गोल्ड से जुड़े 14 ईटीएफ में शुद्ध रूप से 6,919 करोड़ रुपये का निवेश किया. यह 2019-20 में हुए 1,614 करोड़ रुपये के निवेश का चार गुना है.

इससे पहले 2018-19 में गोल्ड ईटीएफ से शुद्ध रूप से 412 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी. 2017-18 में गोल्ड ईटीएफ से 835 करोड़ रुपये, 2016-17 में 775 करोड़ रुपये, 2015-16 में 903 करोड़ रुपये, 2014-15 में 1,475 करोड़ रुपये और 2013-14 में 2,293 करोड़ रुपये निकाले गए थे.

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हालांकि, साल 2012-13 के दौरान इस सेगमेंट में 1,414 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था. बीते कुछ सालों से रिटेल निवेशकों ने बेहतर रिटर्न की चाहत में गोल्ड ईटीएफ की तुलना में इक्विटी बाजार में अधिक पैसा डाला है.

क्वांटम म्यूचुअल फंड के सीनियर फंड मैनेजर (ऑल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट) चिराग मेहता ने कहा, "अधिक जोखिम और कोरोना वायरस के चलते बढ़ी अस्थिरता का असर इक्विटी जैसे जोखिम भरे एसेट्स को प्रभावित करेंगी. निवेशकों की दिलचस्पी गोल्ड जैसे सुरक्षित एसेट्स में बढ़ सकती है."




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निवेशकों के सोने का आकर्षण बढ़ा है. वित्त वर्ष 2020-21 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में निवेशकों ने 6,900 करोड़ रुपये डाले.ब्‍याज दरों में कटौती का फैसला वापस होने के बाद एक सामान्‍य धारणा बनी. वह यह थी कि चुनावों को देखते हुए यह फैसला लिया गया.बुजुर्गों को मिले ज्‍यादा ब्‍याज, एससीएसएस की लिमिट बढ़ाकर ₹50 लाख की जाए

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